
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 11 बजे लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में 15 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बैठक के फैसले प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, निवेशकों, निर्यातकों और आम नागरिकों के लिए राहत और विकास के नए अवसर लेकर आए हैं।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी सौगात
प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों की रक्षा और शोषण से बचाने के लिए “उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम” के गठन को मंजूरी दी है।
नियुक्तियां जेम पोर्टल के माध्यम से होंगी।
नियुक्ति अवधि 3 साल की तय की गई।
हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच वेतन मिलेगा।
सभी भुगतान सीधे बैंक खाते में जाएंगे।
यह व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी और कर्मचारियों को समय पर वेतन व सुरक्षा प्रदान करेगी।
लखनऊ व कानपुर को 100-100 ई-बसें
नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी मिली।
लखनऊ और कानपुर के लिए 100-100 नई ई-बसें खरीदी जाएंगी।
इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूती मिलेगी और प्रदूषण कम होगा।
औद्योगिक निवेश और रोजगार
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश व रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत कई कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने का निर्णय हुआ।
इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब की तैयारी
आईटी विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार ने “उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025” को स्वीकृति दी।
लक्ष्य: उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना।
नई निर्यात नीति 2030 तक
कैबिनेट ने नई निर्यात नीति को मंजूरी दी।
नीति 5 साल तक लागू रहेगी।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार और टैरिफ वार की चुनौतियों को देखते हुए निर्यातकों व कारोबारियों के लिए विशेष रियायतें दी जाएंगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
स्टांप विभाग को अब सरकारी विभाग घोषित कर दिया गया।
पैतृक संपत्ति के बंटवारे के लिए रजिस्ट्री अब केवल ₹5000 शुल्क पर होगी।
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👉 इन फैसलों से जहां कर्मचारियों और नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं प्रदेश औद्योगिक और निर्यात हब के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।









